माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद नहर पार के किसानों को आवासीय प्लाटो का आवंटन जल्दी कराने का भेजा मांग पत्र

Expedited Allotment of Residential plots to Farmers

Expedited Allotment of Residential plots to Farmers

फरीदाबाद। दयाराम वशिष्ठ: नहर पार ग्रेटर फरीदाबाद किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ एडवोकेट ने मांग पत्र हरियाणा सरकार को भेज कर बताया। एक वर्ष पहले उच्च न्यायालय के फैसले के बाद 18 शहरों में विस्थापितों को प्लाट देगी हरियाणा सरकार।इस सूची मे फरीदाबाद का भी नाम सम्मिलित है।वशिष्ठ ने पत्र मे लिखा की सेक्टर 75/80 के लिए किसानों की बैगर मर्ज़ी के लगभग 300 ऐकड. ज़मीन का अधिग्रहण 2009 मे किया गया था। जब प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी।इस ज़मीन को मात्र सोलह लाख रुपये प्रति एकड़ से अधिग्रहीत किया गया था।जिन भी नहर पार के किसानों कि जमीन अधिकृत की गई है उन्हे सरकार उच्च न्यायालय के आदेश पर फार्म भरवाएगी और रिहायशी प्लॉट देगी।वशिष्ठ ने कहाँ नहर पार के किसानों के संघर्ष से यह सब कुछ हुआ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को किसानों के हक़ मे ऐतिहासिक फैसला बताया था।इस फैसले से किसानों को आवासीय प्लाट मिलने कि उम्मीद जगी है।नहर पार के किसानों ने कई वर्षो तक अपनी जमीन को बचाने के लिए कई वर्षों तक आंदोलन किया लेकिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने किसानों को ना तो लैंड पुल्लिंग पॉलिसी में जोड़ा ओर ना ही रिहायशी प्लांट दिए।किसानों कि जमीन अधिकृत होने के बाद भी किसानों को कोई फायदा नही हुआ।माननीय उच्च न्यायालय ने किसान संघर्ष समिति ग्रेटर फ़रीदाबाद,व विभिन्न याचिकाओं का निपटारा करते हुए हरियाणा सरकार को नीति के मुताबिक जमीन मालिको को अधिग्रहण के बदले में आवासीय प्लाट देने का निर्देश था।इस फैसले को लेकर नहर पार के किसानों ने खुशी जाहिर की थी। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवदत्त वशिष्ठ एडवोकेट ने कहा कि नहर पार के किसानों के संघर्ष से अन्य ज़िलों के किसानों को प्लाट मिलने की उम्मीद जगी थी। वशिष्ठ ने सरकार से अपील की है की जिन किसानों की जमीनों को अधिकृत करके प्लाट काटे गए है। उन्हीं जमीन मे रिहायशी प्लाट कम दर के हिसाब से आवंटित किए जाए।और कम दर पर किसानों से पैसा लिया जाए।जमीन अधिकृत होने के बाद नहरपार के किसानों कि हालत गंभीर व नाजुक बन गई उनके पास कमाने का जरिया समाप्त हो गया।किसान कि आर्थिक इस्तिथी खराब हो गई।नहरपार के किसान 50,000 हजार रुपये के साथ अपना फार्म हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में जमा कराये हुए एक वर्ष से ज़्यादा समय बीत चुका हैं। लेकिन अभी तक ड्रा नहीं निकला गया है। इस लिए मांग पत्र मे जल्दी हाँ ड्रा निकालने की माँग की गई है।